लुका 1:79 - कुल्वी79 ताकि ऐ ज्योति निहारै होर मौऊती रै डौरा न बेठैंदै लोका री तैंईंयैं पुजली होर, आसाबै शान्ति री बौतै औंढणै न बौत रिहाऐ केरली।” Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान79 न्हैरै और मौते छ़ैल्ली दी बेशणै आल़ै लै प्रैशअ होए। “तेऊ खोज़णीं हाम्हां का सुंबल़ी बात ताकि हाम्हैं शांती दी ज़िऊई सके।” (याशायाह 58:8; 60:1-2; 9:2) Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम79 की नियारा होर मौऊता री छईंटा में वैशण आले वे ज्योति दे, होर माह री जाघा कुशल बाता में सीधी चले । Viz kapitola |