लुका 1:48 - कुल्वी48 किबैकि तेइयै आपणी दीन-हीन दासी पैंधै कृपा-दृष्टि केरी। ऐबै न लेइया ज़ुगा-ज़ुगा ढौई लोका मुँभै धन्य बोलणा, Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान48 किल्हैकि तेऊ भाल़ी हुंह ज़ुंण तेऊए सेऊआ च़ाकरी करा और तैहीता भाल़ा, एभा पोर्ही जुगे-जुगे लोगा बोल़णअ इहअ कि परमेशरै दैनी मुल्है बर्गत। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम48 किवकी तेऊ आपणी दासी रे दुखा पेंदे दया करी दी साहा। तेबा हेरा ऐवरा पहोरी सभी युगा-युगा रे लोका महावै धन्य बोलणा; Viz kapitola |