याकूब 3:17 - कुल्वी17 पर ज़ो बुद्धि परमेश्वर देआ सा सौ पैहलै ता पवित्र होआ सा, तैबै मिलनसार, कोमल, नम्र, दया, शोभलै फ़ौल़ा न लादुआ दा, भेद-भाव होर कपट रहित होआ सा। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान17 पर ज़ुंण बुधि उझै का परमेशर दैआ तेता करै शिखल़ा हाम्हैं पबित्र रहणअ, होरी संघै मिल़ी-ज़ुल़ी रहणअ, सोभी लै झणैल़ू हणअ, मज़त करनी, ज़िम्मैंबारी समझ़णीं, कसा मणछा लै भेदभाब निं करनअ और मानदार रहणअ। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम17 पर जोह ज्ञान उझे का इंहदा सह पहिले पवित्र हूँदा तेहूकी मिलनसार, कोमल होर आनन्द होर दया होर शोभले रा फला का लादू दअ होर पक्षपात होर निष्कपट हुँदा। Viz kapitola |