इब्रानी 6:2 - कुल्वी2 तुसाबै बपतिस्मै, हौथ रखणै होर मूँऐंदै रै ज़िन्दै होंणा होर हमेशा रै न्याय रै बारै न होर ज़ादा शिक्षा री ज़रूरत नैंई ऑथि। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान2 ज़िहै कि कई बारी एकी-दुजै लै हाथ डाही करै प्राथणां करनी और परमेशरा किहअ करै करने म्हारी मौत हणैं का बाद भी ज़िऊंदै और सोभिओ न्याय करी करै रहणैं सदा ज़िऊंदै। कई रंगे डुबकी और सदा रहणैं आल़ी ज़िन्दगीए बारै आसा एही होर बी खास्सी गल्ला करना लै तेता होए केभै होरी बारी करी। ज़ै परमेशर हाम्हां लै एतो मोक्कअ दैए। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम2 होर बपतिस्मा होर हाथ डाहंणे, होर पुनरुत्थान हूँणे, होर अनन्त न्याय री शिक्षा रूपी नींब भी का नांई पाए। Viz kapitola |