कुलुस्सी 1:6 - कुल्वी6 होर ज़ैण्ढा दुनिया न फ़ोल भी आंणा सा, होर बढ़दा रौहा सा, तैण्ढै ज़ुणी रोज़ा न फेटै तुसै सौ शुणु, होर तुसै सच़ाई समझ़ी सा कि परमेश्वर दया सैंघै तिन्हां लोका रै पाप माफ़ केरा सा ज़ो मसीह पैंधै बशाह केरा सी। तुसा न बी ऐण्ढा केरा सा। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान6 ज़ुंण अह खुशीओ समाद तम्हां सेटा पुजअ अह आसा तम्हां सेटा का सारै देशै कई ज़ैगा लागअ द पुजदअ। अह आसा संसारै पज़दी ज़िम्मीं ज़िहअ लोगे ज़िन्दगी बदल़दअ लागअ द ज़ेथ नाज़ बधिया बझ़ा और खास्सी फसल निखल़ा। ठीक तेही ई ज़ेही तम्हैं तैहा धैल़ी ओर्ही आपणीं ज़िन्दगी बदल़ी ज़धू तम्हैं पैहली बारी खुशीओ समाद शूणअ होर परमेशरे जशो सत्त बछ़ैणीं। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम6 जोह तमा सेटा पुजू दा साहा, होर जेड़ा संसारा में भी फल़ आणा होर बढ़दअ रहंदा, तेडे ही जासु धयाडी का तमे सह शुणु होर सच्चाई का परमेश्वर रा अनुग्रह पछेणु, तमा में भी हुँदा रहे। Viz kapitola |