कुलुस्सी 1:11 - कुल्वी11 होर तेइरी महिमा री शक्ति मुताबक सैभी तैरहै री सामर्था री बजहा न बलवन्त होंदै जा, ताकि तुसै धीरज होर खुशी सैंघै आपणै दुःखा बै सौही सकलै। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 हुंह करा एही प्राथणां परमेशर तम्हां आपणीं शगती करै होर बी खास्सै जोधै बणांए, ताकि तम्हैं हर दुख तकलिफी सबर करी करै खुशी-खुशी ज़िरी सके। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 तेऊरी महिमा री शक्ति रे साबे सभी तरहा री सामर्थ्य का बलबन्त हूँदे रहा, अखे तणी कि आनन्द संघे हर तरहा का धीरज होर सहनशीलता रिहाई सके । Viz kapitola |