शधाणूं 7:11 - कुल्वी11 ज़ैबै यूसुफ राज़पाल ती, तैबै सारै मिस्र होर कनान देशा न अकाल पौऊ; ज़ुणी सैंघै बड़ा भारी दु:ख हुआ होर आसरै बुज़ुर्गा बै रोटी खाँणै बै नी ती मिलदी। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 “तेखअ पल़अ मिसर देशै और कनान देशै नकाल़। ज़ेता करै भारी खरी पल़ी और म्हारै पित्तरा निं रोटी निस्सी ती भेटी। (मूल़ 41:54,55; 42:5) Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 तेबा मिस्र होर कनाना रे सारे देशा में आकाल पडू; जासू संघे भारी कलेश पडू होर महारे बापू दादा वे खांणा नांई भेटा। Viz kapitola |