शधाणूं 4:15 - कुल्वी15 पर तिन्हैं तिन्हां बै सभा न बाहरै ज़ाणै रा हुक्म केरू होर आपु न वचार केरदै लागै, Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान15 पर तिन्नां तेसा सभा का बागै डेऊणेओ हुकम दैई करै लागै तिंयां आप्पू मांझ़ै बच़ार करदै, Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम15 पर त्याह महासभा कअ बागे निखलने री आज्ञा देई करे त्याह आपु में सोचदे लागे, Viz kapitola |