शधाणूं 28:22 - कुल्वी22 पर तेरा विचार कि सा, सौ आसै तौ न शुण न चाहा सी किबैकि आसै ज़ाणा सी कि हर ज़ैगा लोका ऐई मतै रै खिलाफ़ गैला बोला सी। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान22 सह च़ाहा हाम्हैं ताखा शुणनअ, किल्हैकि हाम्हां का आसा थोघ कि कई ज़ैगा बोला एऊ मत्ते बारै लोग बरोधा दी गल्ला।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम22 पर तेरा बिचार केह? सह हामे ताहका शूणना चांहदा किबेकी हामे जांणदा, कि हर जागह ऐसा गला रे बिरोधा में लोका गला करदे लागे दे । Viz kapitola |