शधाणूं 27:42 - कुल्वी42 तैबै सिपाहियै विचार केरू कि आसा ऐ बन्धुऐ मारनै कि ऐ तारी देईया भैगै नी लोड़ी। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान42 तेखअ किअ सपाही इहअ बच़ार कि कैदी पाणै मारी इहअ निं हआ कि कोई तैरी करै ठुर्हे। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम42 तेबा सिपाही रा न्याय होऊ कि कैदी मारणे कंही एहडा ना हो की या तैरी करे निखले। Viz kapitola |