शधाणूं 27:33 - कुल्वी33 ज़ैबै दोत होणू आल़ी ती, ता पौलुसै लोका ऐण्ढै बोलिया अर्ज़ा केरी, औज़ चौदह रोज़ हुऐ कि तुसै फिक्र केरदै-केरदै भूखै रौहै होर किछ़ नी केरू। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान33 ज़ांऊं राच भैणै आल़ी ती, ता पल़सीए समझ़ाऊऐ सोभै इहअ बोली करै, सोभै रोटी खाणां लै, “आझ़ हूऐ च़ौदा धैल़ै, तम्हैं रहै बच़णे आशा दी भुखै, और रोटी पाणीं निं किछ़ै खाई। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम33 जेबा दोत हूंणे आली थी, तेबा पौलुसे यह बोली करे, खांण बे सभी का बिनती करी आज चऊदा धयाडी होई कि तमे आशा लाई आज तणी भोछे रही। Viz kapitola |