शधाणूं 27:17 - कुल्वी17 फिरी समुन्द्री ज़हाज़ च़लाणु आल़ै बचाव केरनु आल़ी किश्ती च़कणै न बाद ज़हाज़ हेठै न बोनू ऊझै तक रौशी सैंघै कशिया बौनु होर सुरितसै खाड़ी रै चोरबालू न फसणै री डौरै समान उतारिआ तिन्हैं लंगरा बै थोड़ा हेठै उतरिआ ज़हाज़ बागरी सैंघै बैहणै री तैंईंयैं छ़ौड़ू। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान17 तिन्नैं डाहअ ज़हाज़ हेठा का प्रैंदै तैणीं राशै करै कशी ताकि समुंदरे च़िफलै रेता दी ज़हाज़ नां शाचे। तिन्नैं किअ लंगर धख उंधै और ज़हाज़ा दैनअ बागरी लागणें साबै आजू बगणैं। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम17 तेबा मलाहे सह चुआकि करे कई तरकीब संघे जहाजा नेहटे का बान्हु होर सुरतिसा रे रेता पैंदे टिकणे रे डरे पाल होर समान बंहदा रहू। Viz kapitola |