शधाणूं 27:10 - कुल्वी10 कि हे सज्जनो मुँभै ऐण्ढा महसूस होआ सा कि ऐसा यात्रै री मुसीबता न मालै री केल्ही नी बल्कि जहाज़ा समेत आसरै प्राणा रा बी नुकसान होंणु आल़ा सा। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान10 “भलै मणछो, मुखा शुझिआ आजू इहअ कि एऊ सफरा दी आसा बडी भारी हान्नी और खरी एछणैं आल़ी, तम्हैं निं इहअ समझ़ी कि सिधअ ज़हाज़ा दी डाहअ द समान हणअ बरैबाद पर ज़हाज़े और प्राणें बी आसा हान्नी हणैं आल़ी।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम10 हे भाईओ माह एहडा लागदा कि ऐसा यात्रा में संकट होर हानि रे हुणे, हामा ना सिर्फ माला री होर जहाजा री पर हमारे प्राणा भी खतरा साहा। Viz kapitola |