शधाणूं 26:13 - कुल्वी13 ता हे राज़ा, बौता न ध्याड़ी दपौहरै मैं सर्गा न सूरज़ा न भी तेज़ प्याशा आपणै होर आपु सैंघै च़लणू आल़ै रै च़ोहू पासै च़मकदा हेरू। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान13 ता हे राज़ा, तिधी पुजणैं का पैहलै हुअ बाता इहअ कि खरै दपहरो बगत त, मंऐं भाल़अ सरगा का सुरज़ा का बी खास्सै झ़ामणा ज़िहअ प्रैशअ आप्पू और संघा हांढणै आल़ै साथी फेर च़मकदअ। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम13 तेबा हे राजा रास्ते में दोपहरा रे वक्ता मांई सरगा का सुरजा का तेज बडी करे एक परीयाषा आपणे होर जोह मेरे होर मेरे साथी रे चहु फेरे चमकदी लागी थी। Viz kapitola |