शधाणूं 25:27 - कुल्वी27 किबैकि बन्धुऐ बै भेज़णा होर ज़ो दोष तेई पैंधै लाऐ सी तिन्हां बै नी दैसणा, मेरी समझ़ा न सौ बेकार सा। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान27 किल्हैकि कैदी दी किज़ै दोश आसा तेते बारै लिखै बाझ़ी कैदी ताह सेटा लै छ़ाडणअ ज़ाण्हिंआं मुखा बेकार।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम27 किबेकी कैदी भेजणअ होर जोह दोष एऊ पैंदे लाईदे त्याह नांई खोजे त्या माह व्यर्थ लागदा। Viz kapitola |