शधाणूं 2:26 - कुल्वी26 एसा बजहा न मेरा मन खुश हुआ होर मेरी ज़िभ मगन हुई; होर मेरै शरीरा न एक आशा बैणी दी सा, Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान26 एता करै हुअ मेरअ दिल इधी तैणीं खुश, ज़ै हुंह एकी धैल़ै मरी बी डेओए ता मुंह आसा एही आशा और भरोस्सअ कि तेऊ करनी सदा मेरी मज़त। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम26 एसा बजा मेरा मन आनन्दित होऊ; होर मेरी जीभ मगन होई बल्कि मेरा शरीर भी आशा में बसेरा करना। Viz kapitola |