शधाणूं 17:29 - कुल्वी29 “तैबै परमेश्वरै री औलाद होईया आसरा ऐ समझ़णा ठीक नी ऑथि कि ईश्वरीय सुनै च़ाँदी या पात्थरै सांही सा ज़ो कि मांहणु री एक सोच़ा सैंघै घड़ूऐदै सी। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान29 परमेशरे लान्हैं हई करै आसा हाम्हां लै इहअ सोठणअ गलत कि परमेशर आसा सुन्नैं-रुपै और पात्थरा दी, ज़ुंण मणछे आपणीं सोठा और कारीगीरी करै आसा बणांऐं दै। (मूल़ 1:27; याशायाह 40:18-20; 44:10-17) Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम29 अतः परमेश्वरा रा वंश होई करे हामा यह समझणा जरूरी नांई आंहदा कि ईश्वर सुने रुपे या पाथरा रे समान साहा, जोह मणश री कलाकारी होर कल्पना संघे गाडीदे साहा। Viz kapitola |