शधाणूं 17:25 - कुल्वी25 तेइबै कोई चीज़ा री ज़रूरत नी ऑथि, तैबै सौ मांहणु रै हौथै री मज़त नी लेंदा, किबैकि सौ आपु सैभी बै ज़िन्दगी, शाह होर सैभ किछ़ देआ सा। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान25 “नां किज़ू च़िज़े मांणै सह मणछा का मज़त च़ाहंदअ। किल्हैकि सह दैआ आप्पू ई सोभी लै ज़िन्दगी, शाह और ज़रूरतीए सोभै गल्ला। (याशायाह 42:5; भज़न 50:12) Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम25 ना कासु चीजा री जरूरता री तणी मणशा री सेवा लऊंदअ, किबेकी सह आपे ही सभी बे जीबन होर श्वास होर सब कुछ ठीक करा। Viz kapitola |