2 तिमुतुस 3:10 - कुल्वी10 पर तू पूरी तैरहा ज़ाणा सा कि हांऊँ कि सिखा सा, होर कैण्ढै रौहा सा, ज़िन्दगी न मेरा उदेश्य कि सा, होर हांऊँ कि बशाह केरा सा। तू ज़ाणा सा हांऊँ सैभी किस्मा रै लोका री तैंईंयैं धीरजवान होर झ़ुरी केरनु आल़ा रौहू सा, मैं परेशानी सौही, Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान10 पर तिमुतुस, तंऐं किअ तिहअ ई ज़िहअ मंऐं ताखा सखाऊअ त। तंऐं भाल़अ कि हुंह केही ज़िन्दगी ज़िऊआ। तंऐं भाल़अ कि हुंह परमेशरे सेऊआ केही च़ाहा करनी और तेऊ दी मेरअ किहअ पाक्कअ भरोस्सअ आसा। तंऐं भाल़अ कि हुंह आपणीं दुख-तकलिफी दी बी किहअ शांत रहा। तंऐं भाल़अ कि हुंह परमेशर और होरी विश्वासी संघै केही झ़ूरी करा। तंऐं भाल़अ कि कठण घल़ी बी हुंह किहअ रहा परमेशरे सेऊआ च़ाकरी दी लागी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम10 पर तांए होरी वे खोजणा, होर चाल चलन होर मनसा, बुशाह, सहनशीलता, प्रेम, धीरज होर दुखा में मेरा साथ दिना। Viz kapitola |