2 कुरिन्थी 7:8 - कुल्वी8 मुँभै दुःख नी ऑथि कि मैं सौ सख्त चिट्ठी तुसाबै भेज़ी, हालांकि मुँभै पैहलै बड़ा दुःख ती, किबैकि मुँभै पता ती कि ऐ थोड़ी देरी री तैंईंयैं तुसरी तैंईंयैं दुःख देणु आल़ी ती। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान8 मुखा आसा थोघ कि मेरी च़िठी करै हुअ तम्हां दुख, पर तेतो पछ़ताअ निं मुंह आथी, ज़िहअ मुंह पैहलै पछ़ताअ हआ त, किल्हैकि मुखा शुझिआ कि तैहा च़िठी करै तम्हां दुख ता पल़अ, पर सह आसा त थोल़ी घल़ी लै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम8 किबेकि मांई आपणी पत्री का तमे शोकित करी, पर तेऊका पछताबा नांई जेड़ा की पहिले पछताबा, किबेकि हाऊं हेरा कि तेसा पत्री का तमा शोकतअ होऊ पर सह थोड़ी देरी बे थी। Viz kapitola |