2 कुरिन्थी 6:9 - कुल्वी9 किछ़ लोका आसाबै जाणनु आल़ै मैना सी होर किछ़ लोका आसाबै नज़ाण मांहणु रै रूपा न हेरा सी; मौरू हुँदै सांही सी होर तैबै बी ज़िन्दै सी; मार खाँणु आल़ै सांही सी पर ज़ानी न मारीदे नी। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान9 हाम्हैं ज़िन्दगी ता काटा एही ज़िहअ कि हाम्हां निं कोहै ज़ाणदअ, तैबी आसा कई लोगा मांझ़ै हाम्हैं मशूर। कई लोग च़ाहा हाम्हां खुशीए समादा पिछ़ू मारनअ, तैबी आसा ज़िऊंदै, हाम्हैं आसा मार खाणैं आल़ै ज़िहै, पर ज़ानीं का निं तिंयां हाम्हां मारी सकदै। (1 कुरिन्थी 4:9; भज़न 118:18) Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम9 अनजाना रे सदृश साहा, तेबा भी प्रसिद्ध साहा; मरदे रे बराबर साहा होर हेरा जिऊंदे साहा, मार खाहण आले रे सदृश साहा पर प्राणा का नांई मरदे; Viz kapitola |