2 कुरिन्थी 2:1 - कुल्वी1 मैं आपणै मना न ऐ सोचिया रखू ती कि फिरी तुसा हागै तौखै एज़िया तुसाबै दुःख नी देनु। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान1 मंऐं हेरअ त आपणैं मना दी इहअ ई सोठी कि भी निं तम्हां दुखी करदै एछणअ आथी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम1 मांई आपणे मने यह बिचार करू कि भी तमा सेटा नराझ होई करे नांई इछु। Viz kapitola |