2 कुरिन्थी 10:2 - कुल्वी2 हांऊँ ऐ अर्ज़ केरा सा, कि ज़ैबै हांऊँ तुसा हागै एनु ता मुँभै तुसा सैंघै सख्ती नी केरनी पौड़ली, मुँभै ऐई गैला रा डौर सा; तैबै बी, मुँभै तिन्हां लोका रै खिलाफ़ सख्ती केरनी पौड़नी ज़ो आसाबै ऐसा दुनिया रै लोका मुताबक बुझा सी। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान2 मेरी आसा तम्हां का एही अरज़ कि ज़ेभै हुंह तम्हां सेटा लै एछूं तेभै निं लोल़ी मुंह तिन्नां लै काठै हई करै बोल़णअ पल़अ ज़ुंण मुल्है इहअ बोला कि एऊए ज़िन्दगी आसा संसारे मणछे साबै। ज़ेही मुखा आशा बी हआ कि हुंह आसा बोलदअ काठअ। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम2 हाऊं यह बिनती करा कि थारे सामने हाऊं निडर होई करे हिम्मत करनी नांई पडे, जेड़ा हाऊं कुछ लोका पेन्दे जोह हांमा शरीरा री रीति रे साबे चलण आले समझा, बीरता रिहाउंण रा न्याय करा। Viz kapitola |