2 कुरिन्थी 10:15 - कुल्वी15 होर आसै सीमा न बाहर होरी रै मेहनता पैंधै घमण्ड नी केरदै; पर आसै आशा रखा सी, कि ज़ैण्ढा-ज़ैण्ढा तुसरा बशाह बढ़दा रोहला तैण्ढै-तैण्ढै आसा आपणी सीमा रै मुताबक तुसरी बजहा न होर तुसरै बिच़ा न होर ज़ादा कोम केरी सकलै। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान15 हाम्हैं निं आपणीं हदा का खास्सअ दुजे मैन्था दी घमंड करदै आथी; पर हाम्हां आसा आशा कि ज़िहअ-ज़िहअ थारअ विश्वास बढदअ रहणअ, ता तिहै-तिहै ई रहणैं हाम्हैं आपणीं हदे साबै तम्हां करै तम्हां ओरी-पोरी होर बी खास्सै लोगा सेटा खुशीए समादा पजैल़ै लागी, Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम15 हामे सीमा का बागे दूजे री मेहनता में घमण्ड नांई करदे, पर हामा आशा साहा कि जेडा-जेडा थारा बुशाह बढ़दा रहला तेडे-तेडे हामे आपणी सीमा रे साबे थारी बजा का होर भी बढ़दे रहंणे, Viz kapitola |