2 कुरिन्थी 1:13 - कुल्वी13 आसै तुसाबै होर किछ़ नी लिखदे, सिर्फ़ सौहै ज़ो तुसै पौढ़ा सी होर समझ़ा सी, पर भलै ही तुसै ऐबै थोड़ा समझ़ा सी, मुँभै आशा सा कि तुसै आसाबै आखरी तैंईंयैं पुरी तैरहा समझ़णा। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान13 हाम्हैं लिखा तम्हां लै तेता ई ज़ुंण तम्हैं पहल़ी और समझ़ी सके और मुंह आसा भरोस्सअ कि तम्हां जाणीं पूरी समझ़ एछी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम13 हामे तमाबे होर किछे नांई लिखते, सीधी यह जोह तमे पढ़ा याहा मना, भी, होर महा आशा साहा कि आखिरी तणी भी मनदे रहंणा। Viz kapitola |