1 थिस्सलुनी 2:2 - कुल्वी2 वरन् तुसै आपु जाँणा सी कि आसै पैहलै फिलिप्पी शैहरा न दु:ख सौहणै होर उपद्रव सौहणै सैंघै बी आसरै परमेश्वरै आसाबै ऐण्ढी हिम्मत धिनी कि आसै परमेश्वरा रै खुशी रा समाद बरोध होंदै बी तुसाबै शुणालै। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान2 पर तम्हैं ज़ाणा आप्पै ई कि पैहलै-पैहल फिलिप्पी नगरी दी दुख और उपद्रभ ज़िरने बी दैनी म्हारै परमेशरै हिम्मत कि हाम्हैं थारी नगरी दी भारी बरोध हणैं का बाद बी तम्हां का परमेशरो खुशीओ समाद खोज़े। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम2 पर तमे आपे ही जाणा, कि पहिले फिलिप्पी में दुःख होर उपद्रब सहन मे भी महारअ परमेश्वर हामा बे एडा सहास दीना, कि हामे परमेश्वरा रा सुसमाचार भारी बिरोधा में भी तमावे शुणाऊ। Viz kapitola |