प्रकाशितवाक्य 16:21 - ईनर सराजी मे नया नियम21 होर सरगा का मणशा पेन्दे मणा-मणा रा शरू पडू, होर यह दुःख बखे गरखा पडू लोका शरू पड़ने री तणी परमेश्वरा री निंदा करी। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान21 और सरगा का पल़ै लोगा प्रैंदै मण-मण पाक्कै शरू, अह ती घोर खरी और लोग लागै एसा खरी पिछ़ू परमेशरे निंदा करदै। Viz kapitolaकुल्वी21 होर सर्गा न मांहणु पैंधै मौणै-मौणै रै बड़ै शौरु पौड़ै किबैकि ऐ मुसीबत बड़ी भारी ती। लोकै शौऊरु री मुसीबतै री बजहा न परमेश्वरै री निन्दा केरी। Viz kapitola |