प्रकाशितवाक्य 14:13 - ईनर सराजी मे नया नियम13 तेऊकी मांई स्वर्गा का यह शब्द शुणु, लिख जोह मुएदे प्रभु में साहा, त्याह एबरे तणी धन्य साहा, आत्मा बोला की, हां किबेकि त्याहा आपणी पूरी मेंहनता का वैठे हुणे, होर त्याहरे काम त्याहे संघे हुणे। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान13 मंऐं शूणअ स्वर्गै इहअ बोल कि एता लिख, ज़ुंण मुल्दै एभा पोर्ही प्रभू दी विश्वास करी मरा, तिंयां आसा ऐबै भागा आल़ै, परमेशरे आत्मां बोला इहअ, हाँ, किल्हैकि तिन्नां भेटणअ आपणीं मैन्था का राआम और तिन्नें भलै कामें भेटणीं तिन्नां नांम। Viz kapitolaकुल्वी13 होर मैं स्वर्गा न ऐ शब्द शुणू कि लिख, “ज़ो मुर्दै प्रभु न मौरा सी, ते ऐबै न धन्य सी।” पवित्र आत्मा बोला सा, “हाँ, किबैकि तिन्हां आपणी मेहनती न बशाँ पाणा, होर तिन्हां बै तिन्हां गैला री तैंईंयैं ईनाम देणा ज़ो तिन्हैं केरी।” Viz kapitola |