मत्ती 5:3 - ईनर सराजी मे नया नियम3 धन्य साहा तमे जोह मना रे दीन साहा, किबेकी स्वर्गा रा राज्य त्याही रा साहा। Viz kapitolaबाघली सराज़ी नऊंअ बधान3 “परमेशर हआ तिन्नां लै खुश, ज़ुंण दिले भोल़ै आसा, स्वर्गो राज़ आसा तिन्नों। Viz kapitolaकुल्वी3 “धन्य सी ते, ज़ुणा मनै रै दीन सी, किबैकि स्वर्गा रा राज्य तिन्हरा सा। Viz kapitola |