सफ़नियाह 3:7 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 मैंने कहा, 'कि सिर्फ़ मुझ से डर, और तरबियत पज़ीर हो; ताकि उसकी बस्ती काटी न जाए। उस सब के मुताबिक़ जो मैंने उसके हक़ में ठहराया था। लेकिन उन्होंने 'अमदन अपनी चाल को बिगाड़ा। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस7 मैं बोला, ‘बेशक यरूशलम मेरा ख़ौफ़ मानकर मेरी तरबियत क़बूल करेगा। क्योंकि क्या ज़रूरत है कि उस की रिहाइशगाह मिट जाए और मेरी तमाम सज़ाएँ उस पर नाज़िल हो जाएँ।’ लेकिन उसके बाशिंदे मज़ीद जोश के साथ अपनी बुरी हरकतों में लग गए।” Viz kapitola |