सफ़नियाह 3:5 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 ख़ुदावन्द जो सच्चा है, उसके अंदर है; वह बेइन्साफ़ी न करेगा; वह हर सुबह बिला नाग़ा अपनी 'अदालत ज़ाहिर करता है, मगर बेइन्साफ़ आदमी शर्म को नहीं जानता। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस5 लेकिन रब भी शहर के बीच में है, और वह रास्त है, वह बेइनसाफ़ी नहीं करता। सुबह बसुबह वह अपना इनसाफ़ क़ायम रखता है, हम कभी उससे महरूम नहीं रहते। लेकिन बेदीन शर्म से वाक़िफ़ ही नहीं होता। Viz kapitola |