सफ़नियाह 1:5 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 और उनको भी जी कोठों पर चढ़ कर अज्राम — ए — फ़लक की इबादत करते हैं, और उनको जो ख़ुदावन्द की इबादत का 'अहद करते हैं, लेकिन मिल्कूम की क़सम खाते हैं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस5 न उनका जो छतों पर सूरज, चाँद बल्कि आसमान के पूरे लशकर को सिजदा करते हैं, जो रब की क़सम खाने के साथ साथ मिलकूम देवता की भी क़सम खाते हैं। Viz kapitola |