ज़करियाह 13:2 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 और रब्ब — उल — अफ़वाज फ़रमाता है, मैं उसी दिन मुल्क से बुतों का नाम मिटा दूँगा, और उनको फिर कोई याद न करेगा; और मैं नबियों को और नापाक रूह को मुल्क से ख़ारिज कर दूँगा। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस2 रब्बुल-अफ़वाज फ़रमाता है, “उस दिन मैं तमाम बुतों को मुल्क में से मिटा दूँगा। उनका नामो-निशान तक नहीं रहेगा, और वह किसी को याद नहीं रहेंगे। नबियों और नापाकी की रूह को भी मैं मुल्क से दूर करूँगा। Viz kapitola |