गज़लुल 8:2 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 मैं तुझ को अपनी माँ के घर में ले जाती, वह मुझे सिखाती। मैं अपने अनारों के रस से तुझे मम्जूज मय पिलाती। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस2 मैं तेरी राहनुमाई करके तुझे अपनी माँ के घर में ले जाती, उसके घर में जिसने मुझे तालीम दी। वहाँ मैं तुझे मसालेदार मै और अपने अनारों का रस पिलाती। Viz kapitola |