गज़लुल 8:10 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 मैं दीवार हूँ और मेरी छातियाँ बुर्ज हैं और मैं उसकी नज़र में सलामती याफ़्ता, की तरह थी। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस10 मैं दीवार हूँ, और मेरी छातियाँ मज़बूत मीनार हैं। अब मैं उस की नज़र में ऐसी ख़ातून बन गई हूँ जिसे सलामती हासिल हुई है। Viz kapitola |