गज़लुल 7:13 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201913 मर्दुमग्याह की ख़ुशबू फ़ैल रही है, और हमारे दरवाज़ों पर हर क़िस्म के तर — ओ — ख़ुश्क मेवे हैं जो मैंने तेरे लिए जमा' कर रख्खे हैं, ऐ मेरे महबूब। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस13 मर्दुमगयाह की ख़ुशबू फैल रही, और हमारे दरवाज़े पर हर क़िस्म का लज़ीज़ फल है, नई फ़सल का भी और गुज़री का भी। क्योंकि मैंने यह चीज़ें तेरे लिए, अपने महबूब के लिए महफ़ूज़ रखी हैं। Viz kapitola |