रुत 1:13 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201913 तो भी क्या तुम उनके बड़े होने तक इंतज़ार करतीं और शौहर कर लेने से बाज़ रहतीं? नहीं मेरी बेटियों मैं तुम्हारी वजह से ज़ियादा दुखी हूँ इसलिए कि ख़ुदावन्द का हाथ मेरे ख़िलाफ़ बढ़ा हुआ है Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस13 तो क्या आप उनके बालिग़ हो जाने तक इंतज़ार कर सकतीं? क्या आप उस वक़्त तक किसी और से शादी करने से इनकार करतीं? नहीं, बेटियो। रब ने अपना हाथ मेरे ख़िलाफ़ उठाया है, तो आप इस लानत की ज़द में क्यों आएँ?” Viz kapitola |