रोमियों 7:1 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 ऐ भाइयों, क्या तुम नहीं जानते में उन से कहता हूँ जो शरी'अत से वाक़िफ़ हैं कि जब तक आदमी जीता है उसी वक़्त तक शरी'अत उस पर इख़्तियार रखती है? Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा1 ऐ भाईयो और बहनो! तुम जो शरीअत से वाक़िफ़ हो, क्या इस बात को नहीं जानते के इन्सान सिर्फ़ उस वक़्त तक शरीअत के मातहत है जब तक के वह ज़िन्दा है? Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस1 भाइयो, आप तो शरीअत से वाक़िफ़ हैं। तो क्या आप नहीं जानते कि शरीअत उस वक़्त तक इनसान पर इख़्तियार रखती है जब तक वह ज़िंदा है? Viz kapitola |