रोमियों 3:20 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201920 क्यूँकि शरी'अत के अमल से कोई बशर उसके हज़ूर रास्तबाज़ नहीं ठहरेगी इसलिए कि शरी'अत के वसीले से तो गुनाह की पहचान हो सकती है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा20 क्यूंके शरीअत के आमाल से कोई शख़्स ख़ुदा की हुज़ूरी में रास्तबाज़ नहीं ठहरेगा; इसलिये के शरीअत के ज़रीये से ही आदमी गुनाह को पहचानता है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस20 क्योंकि शरीअत के तक़ाज़े पूरे करने से कोई भी उसके सामने रास्तबाज़ नहीं ठहर सकता, बल्कि शरीअत का काम यह है कि हमारे अंदर गुनाहगार होने का एहसास पैदा करे। Viz kapitola |