रोमियों 2:29 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201929 बल्कि यहूदी वही है जो बातिन में है और ख़तना वही है जो दिल का और रूहानी है न कि लफ़्ज़ी ऐसे की ता'रीफ़ आदमियों की तरफ़ से नहीं बल्कि ख़ुदा की तरफ़ से होती है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा29 बल्के यहूदी वोही है जो बातिन में यहूदी है और ख़तना वोही है जो दिल का और रूहानी है न के शरीअत के वसीले से किया जाता है। ऐसे इन्सान की तारीफ़ आदमियों की जानिब से नहीं बल्के ख़ुदा की जानिब से होती है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस29 बल्कि हक़ीक़ी यहूदी वह है जो बातिन में यहूदी है। और हक़ीक़ी ख़तना उस वक़्त होता है जब दिल का ख़तना हुआ है। ऐसा ख़तना शरीअत से नहीं बल्कि रूहुल-क़ुद्स के वसीले से किया जाता है। और ऐसे यहूदी को इनसान की तरफ़ से नहीं बल्कि अल्लाह की तरफ़ से तारीफ़ मिलती है। Viz kapitola |