मुकाशफ़ा 5:5 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 तब उन बुज़ुर्गों में से एक ने कहा मत रो, यहूदा के क़बीले का वो बबर जो दाऊद की नस्ल है उस किताब और उसकी सातों मुहरों को खोलने के लिए ग़ालिब आया। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा5 तब उन बुज़ुर्गों में से एक ने मुझ से कहा, “मत रो, देख, यहूदाह के क़बीले का शेर बब्बर जो हज़रत दाऊद की असल है, वोही उस किताब और उस की सातों मुहरों को खोलने के लाइक़ है और ग़ालिब आया है।” Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस5 लेकिन बुज़ुर्गों में से एक ने मुझसे कहा, “मत रो। देख, यहूदाह क़बीले के शेरबबर और दाऊद की जड़ ने फ़तह पाई है, और वही तूमार की सात मुहरों को खोल सकता है।” Viz kapitola |