मुकाशफ़ा 3:15 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 मैं तेरे कामों को जानता हूँ कि न तू सर्द है न गर्म। क़ाश कि तू सर्द या गर्म होता! Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा15 मैं तुम्हारे कामों से वाक़िफ़ हूं के तो न तो सर्द है न गर्म। काश के तो या तो सर्द या गर्म होता। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस15 मैं तेरे कामों को जानता हूँ। तू न तो सर्द है, न गरम। काश तू इनमें से एक होता! Viz kapitola |