मुकाशफ़ा 21:21 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201921 और बारह दरवाज़े बारह मोतियों के थे; हर दरवाज़ा एक मोती का था, और शहर की सड़क साफ़ शीशे की तरह ख़ालिस सोने की थी। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा21 और बारह फाटक बारह मोतीयों के थे यानी हर फाटक सालिम मोती का था। और शहर की शाहराह शफ़्फ़ाफ़ शीशे की मानिन्द ख़ालिस सोने की थी। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस21 बारह दरवाज़े बारह मोती थे और हर दरवाज़ा एक मोती का था। शहर की बड़ी सड़क ख़ालिस सोने की थी, यानी साफ़-शफ़्फ़ाफ़ शीशे जैसे सोने की। Viz kapitola |