मुकाशफ़ा 21:18 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201918 और उसकी शहरपनाह की ता'मीर यशब की थी, और शहर ऐसे ख़ालिस सोने का था जो साफ़ शीशे की तरह हो। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा18 वो फ़सील संग-ए-यशब से बनी हुई थी और शहर साफ़-ओ-शफ़्फ़ाफ़ शीशे की मानिन्द ख़ालिस सोने का बना हुआ था। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस18 फ़सील यशब की थी जबकि शहर ख़ालिस सोने का था, यानी साफ़-शफ़्फ़ाफ़ शीशे जैसे सोने का। Viz kapitola |