मुकाशफ़ा 21:15 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 और जो मुझ से कह रहा था, उसके पास शहर और उसके दरवाज़ों और उसकी शहरपनाह के नापने के लिए एक पैमाइश का आला, या'नी सोने का गज़ था। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा15 और जो फ़रिश्ता मुझ से मुख़ातिब था उस के पास शहर और उस के फाटकों और उस की फ़सील की पैमाइश करने के लिये सोने की एक जरीब थी। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस15 जिस फ़रिश्ते ने मुझसे बात की थी उसके पास सोने का गज़ था ताकि शहर, उसके दरवाज़ों और उस की फ़सील की पैमाइश करे। Viz kapitola |