मुकाशफ़ा 20:6 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 मुबारिक़ और मुक़द्दस वो है, जो पहली क़यामत में शरीक हो। ऐसों पर दूसरी मौत का कुछ इख़्तियार नहीं, बल्कि वो ख़ुदा और मसीह के काहिन होंगे और उसके साथ हज़ार बरस तक बादशाही करेंगे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा6 मुबारक और मुक़द्दस हैं वो लोग जो पहली क़ियामत में शरीक हूं। उन पर दूसरी मौत का कोई इख़्तियार नहीं बल्के वो ख़ुदा और अलमसीह के काहिन होंगे और हज़ार बरस तक उस के साथ बादशाही करते रहेंगे। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस6 मुबारक और मुक़द्दस हैं वह जो इस पहली क़ियामत में शरीक हैं। इन पर दूसरी मौत का कोई इख़्तियार नहीं है बल्कि यह अल्लाह और मसीह के इमाम होकर हज़ार साल तक उसके साथ हुकूमत करेंगे। Viz kapitola |