मुकाशफ़ा 20:5 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 और जब तक ये हज़ार बरस पूरे न हो गए बाक़ी मुर्दे ज़िन्दा न हुए। पहली क़यामत यही है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा5 और जब तक ये हज़ार बरस पूरे न हुए, बाक़ी मुर्दे ज़िन्दा नहीं किये गये। ये पहली क़ियामत है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस5 (बाक़ी मुरदे हज़ार साल के इख़्तिताम पर ही ज़िंदा हुए)। यह पहली क़ियामत है। Viz kapitola |