मुकाशफ़ा 20:4 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 फिर मैंने तख़्त देखे, और लोग उन पर बैठ गए और 'अदालत उनके सुपुर्द की गई; और उनकी रूहों को भी देखा जिनके सिर ईसा की गवाही देने और ख़ुदा के कलाम की वजह से काटे गए थे, और जिन्होंने न उस हैवान की इबादत की थी न उसके बुत की, और न उसकी छाप अपने माथे और हाथों पर ली थी। वो ज़िन्दा होकर हज़ार बरस तक मसीह के साथ बादशाही करते रहे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा4 फिर मैंने तख़्त देखे जिन पर वो लोग बैठे हुए थे जिन्हें इन्साफ़ करने का इख़्तियार दिया गया था। और मैंने उन लोगों की रूहें देखें जिन के सर हुज़ूर ईसा की गवाही देने और ख़ुदा के कलाम की वजह से काट दिये गये थे। उन लोगों ने न तो उस हैवान को न उस की बुत को सज्दा किया था, और न अपनी पेशानी या हाथों पर उस का निशान लगवाया था। और वो ज़िन्दा होकर एक हज़ार बरस तक अलमसीह के साथ बादशाही करते रहे। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस4 फिर मैंने तख़्त देखे जिन पर वह बैठे थे जिन्हें अदालत करने का इख़्तियार दिया गया था। और मैंने उनकी रूहें देखीं जिन्हें ईसा के बारे में गवाही देने और जिनका अल्लाह का कलाम पेश करने की वजह से सर क़लम किया गया था। उन्होंने हैवान या उसके मुजस्समे को सिजदा नहीं किया था, न उसका निशान अपने माथों या हाथों पर लगवाया था। अब यह लोग ज़िंदा हुए और हज़ार साल तक मसीह के साथ हुकूमत करते रहे। Viz kapitola |