मुकाशफ़ा 2:2 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 मैं तेरे काम और तेरी मशक़्क़त और तेरा सब्र तो जानता हूँ; और ये भी कि तू बदियों को देख नहीं सकता, और जो अपने आप को रसूल कहते हैं और हैं नहीं, तू ने उनको आज़मा कर झूठा पाया। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा2 मैं तुम्हारे कामों, तुम्हारे सख़्त मेहनत और तुम्हारे साबित क़दमी से वाक़िफ़ हूं। और मैं ये भी जानता हूं के तू बदकारों को बर्दाश्त नहीं कर सकता और तुम ने उन के दावों को जो ख़ुद को रसूल कहते हैं मगर हैं नहीं, उन्हें तुम ने आज़मा कर झूटा पाया। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस2 मैं तेरे कामों को जानता हूँ, तेरी सख़्त मेहनत और तेरी साबितक़दमी को। मैं जानता हूँ कि तू बुरे लोगों को बरदाश्त नहीं कर सकता, कि तूने उनकी पड़ताल की है जो रसूल होने का दावा करते हैं, हालाँकि वह रसूल नहीं हैं। तुझे तो पता चल गया है कि वह झूटे थे। Viz kapitola |