मुकाशफ़ा 19:6 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 फिर मैंने बड़ी जमा'अत की सी आवाज़, और ज़ोर की सी आवाज़, और सख़्त गरजने की सी आवाज़ सुनी: “हल्लेलुइया! इसलिए के ख़ुदावन्द हमारा ख़ुदा क़ादिर — ए — मुतल्लिक़ बादशाही करता है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा6 फिर मैंने एक ऐसी बड़ी हुजूम की आवाज़ सुनी जो किसी बड़े आबशार के शोर और बिजली के कड़कने की ज़ोरदार आवाज़ की मानिन्द थी। वो कह रही थी “हल्लेलुयाह! क्यूंके ख़ुदावन्द हमारा ख़ुदा क़ादिर-ए-मुतलक़ बादशाही करता है।” Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस6 फिर मैंने एक बड़े हुजूम की-सी आवाज़ सुनी, जो बड़ी आबशार के शोर और गरजते बादलों की कड़क की मानिंद थी। इन लोगों ने कहा, “अल्लाह की तमजीद हो! क्योंकि हमारा रब क़ादिरे-मुतलक़ ख़ुदा तख़्तनशीन हो गया है। Viz kapitola |